Uncategorised

दिवाली का त्योहार

बाल कविता

डाॅ श्रीमती रश्मि मोयदे, उज्जैन

करें दिवाली की तैयारी।
साफ सफाई की अब बारी।।
घर ऑंगन को खूब सजायें।
रंगोली पर दीप जलायें।।
खुशियाॅं भरी दिवाली आई।
घर में बनती खूब मिठाई।।
लड्डू गुजिया थाल सजे हैं।
बच्चों के तो खूब मजे हैं।।
चहक रही ऑंगन में रिंकी।
आई मिलने उससे पिंकी।।
आओ मिलकर हम-तुम खेलें।
पकड़ा पकड़ी रेलम पेलें।।
जगमग-जगमग दीपक जलते।
कितने प्यारे सुंदर लगते।।
इनसे रोशन सबके द्वारें।
आसमान में छाऍं तारें।।
दुखियों को भी गले लगाओ।
दान पुण्य कर सब मुस्काओ।।
दीपदान का पथ अपनाओ।
कटुता मन में कभी न लाओ।
।

Dr. Sanjay Nagar

Author & Co-Founder Takshit News

Related Articles

Back to top button