तक्षित साहित्य धारा

डाक बाबू मेरा नाम कमल पटेल चकरावदा विश्व डाक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं,बहुत-बहुत बधाई


डाक बाबू मेरा नाम,
पत्र देना मेरा काम।
सेवा ये मेरी है सदियों पुरानी,
जिसे करता रहा हूं, मैं अविराम।‌
डाक बाबू मेरा नाम,
पत्र देना मेरा काम।।
सदियों पहले तो घुड़सवार,
मेरा यह कर्तव्य निभाते थे।
कोई पैदल चलकर भी,
इक दूजे का हाल बताते थे।।
पत्र में लिखे मन के भाव,
पहुंचाना था मेरा काम।
सुनो-सुनो ए सखा मेरे,
डाक बाबू है मेरा नाम।।
डाक बाबू, पत्र वाहक,
चिट्ठी रसां में कहलाया।
सुख-दुख में लिखी पाती को,
मैंने ही अपनों तक पहुंचाया।।
कपोत पक्षी ने भी अच्छे से,
मेरा यह काम किया है।
इस दुनिया में इन्होंने भी,
भावनात्मक पैगाम दिया है।।
कोलकाता में सबसे पहले,
दिया गया मुझको यह काम।
डाक बाबू मेरा नाम,
पत्र देना है मेरा काम।।
बदल गया समय अब,
मुझमें भी बदलाव आया है।
नई तकनीकी को मैंने भी,
सबके हित में अपनाया है।।
पहले केवल पत्र देता था,
अब पार्सल भी पहुंचाता हूं।
नए जमाने में अब तो,
सबके खाते भी खुलवाता हूं।।
सरकार की योजनाओं को,
सबको दिलाना मेरा काम।
सुन लो मेरे प्यारे बंधु,
डाक बाबू है मेरा नाम।।

Dr. Sanjay Nagar

Author & Co-Founder Takshit News

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