तक्षित साहित्य धारा
नागरिकता बोध: विकसित राष्ट्र की असली पहचान
नितिन पोल उज्जैन किसी भी देश की प्रगति का पैमाना बड़े-बड़े फ्लायओवर, मॉल, एयर पोर्ट, नागरिकों की आर्थिक क्षमता को…
Read More »आत्म जागरण का पर्व: नवरात्रि
डॉ.नेत्रा रावणकर , उज्जैन वैदिक साहित्य और सनातन परंपरा में नवरात्रि एवं देवी आराधना के मूल प्रमाण छिपे है। ऋग्वेद…
Read More »समय
नृसिंह इनानी 26 निकास चौराहा, उज्जैन इस जीवन का तोल मोल किंचित करना जो जान गया सही समय को जिसने…
Read More »॥मां॥
कितने मौकों पर नहीं, झुके हमारे शीश। फिर भी माँ देतीं रही,सदा हमें आशीष।। माँ होती संतान की,पूँजी अति अनमोल।…
Read More »डाक बाबू मेरा नाम कमल पटेल चकरावदा विश्व डाक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं,बहुत-बहुत बधाई
डाक बाबू मेरा नाम, पत्र देना मेरा काम। सेवा ये मेरी है सदियों पुरानी, जिसे करता रहा हूं, मैं अविराम।…
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