
मीरा जैन
516,साँईनाथ कालोनी . सेठीनगर
उज्जैन ( म.प्र.)
ठंड से वजनी
शिक्षिका ने आवाज दी –
‘ अरे मुन्नी ! आज धूप भी नहीं है, इस कड़कड़ाती ठंड में वहां सिमटकर चुपचाप क्यों बैठी हो , देखो सारे बच्चे भागा-दौड़ी कर रहे हैं तुम भी दौड़ो शरीर में गर्मी आ जाएगी ‘ लेकिन मुन्नी वैसे ही चुपचाप बैठी रही,अपने आदेश का कोई असर ना होता देख शिक्षिका ने उसके करीब जाकर पूछा-
‘ दौड़ क्यों नहीं रही हो तबीयत ठीक नहीं है क्या?’
इस पर मुन्नी ने खड़े होकर हौले से कहा-
‘ मैडम जी ! तबीयत तो ठीक है लेकिन दौड़ने से भूख बढ़ जाती है ‘
