तक्षित साहित्य धारा

नाप का पैमाना

लघुकथा


मीरा जैन
516,साँईनाथ कालोनी . सेठीनगर
उज्जैन . -( म.प्र.)
‘मैडम जी ! आप मायके जा रही हैं, आपने कहा था आपका एक भतीजा है आठ साल का, उसके पुराने कपड़े हो तो मेरे सुब्बू के लिए—।”
‘पर कमली ! तू तो हमेशा कहती है तेरा सुब्बू दस साल का हो चुका है।’
‘तो क्या हुआ मैडम जी!’
‘यही कि मेरा भतीजा डब्बू तो अभी आठ साल का भी पूरा नहीं हुआ है उसके कपड़े तेरे सब्बू को छोटे और टाइट नहीं पड़ेंगे?’
‘नहीं मैडम जी ! ढीले हो सकते हैं लेकिन टाइट नही।’
‘क्यों?’ कमली हौले से बोली- “खान पान का फर्क उम्र की खाई को पाट देता है मैडम जी!
‘

Dr. Sanjay Nagar

Author & Co-Founder Takshit News

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