जानिए श्रावण भादो माह में कब खुलेंगे श्री महाकालेश्वर मंदिर के पट

उज्जैन। श्रावण माह में भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन के लिए देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था, आवागमन, सुरक्षा, निर्माण कार्यों तथा यातायात प्रबंधन का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एसपी प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा भी मौजूद थे।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि श्रावण माह के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन का पहला उद्देश्य यह होना चाहिए कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुगमता, सुरक्षा और व्यवस्थित तरीके से भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन हो सकें। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि दर्शन व्यवस्था को इस प्रकार संचालित किया जाए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने कलेक्टर श्री सिंह को श्रावण महिने में श्रद्धालुओं के दर्शन व्यवस्था के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी दी तथा निर्देशों के अनुरूप व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने का आश्वासन दिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने श्रद्धालुओं के आने-जाने के मार्गों का पैदल भ्रमण करते हुए बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने पार्किंग व्यवस्था, जूता स्टैंड, 250 रूपए के विशेष दर्शन टिकट धारकों के लिए बनाई गई व्यवस्थाओं के साथ ही कांवड़ यात्रियों के प्रवेश मार्ग, जल अर्पण व्यवस्था, भस्म आरती के दौरान की जाने वाली व्यवस्था का भी निरीक्षण किया तथा आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न श्रेणियों के श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित मार्गों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, संकेतक बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर श्री सिंह ने मंदिर के बाहरी परिसर में चल रहे निर्माण कार्यो की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण किए जाएं ताकि श्रावण माह के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने परिसर में बेकार पड़ी निर्माण सामग्री तत्काल हटाने, खुले गड्ढों को सुरक्षा की दृष्टि से भरने तथा छोटे मार्गों पर आवश्यक बैरिकेडिंग करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने श्री हरसिद्धि माता मंदिर चौराहा से बड़ा गणेश मंदिर के सामने से होकर प्रीपेड बूथ तक तथा मंदिर के मुख्य द्वार से शंख चौराहा, एक नंबर गेट और श्री महाकाल महालोक परिसर तक पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के सुगम एवं सुरक्षित आवागमन के लिए सभी मार्गों पर समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाया जाए। कलेक्टर ने कहा कि श्रावण माह के दौरान सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में दर्शन का लाभ मिल सके।
श्रावण-भादौ मास में भस्म आरती पर मंदिर के पट खुलने के समय में परिवर्तन रहेगा
श्रावण-भादौ मास में प्रतिदिन भगवान श्री महाकालेश्वर की भस्म आरती 30 जुलाई 2026 से 07 सितम्बर 2026 तक प्रात:कालीन पट खुलने का समय प्रात: 03.00 बजे होगा। प्रत्येक सोमवार को भस्म आरती का समय प्रात: 2.30 बजे होगा। भस्म आरती प्रतिदिन प्रात: 3 से 5 बजे तक और प्रत्येक सोमवार को 2.30 से 4.30 बजे तक होगी। इसी तरह 08 सितम्बर से पट खुलने का समय पूर्ववत होगा।
श्रावण महिने में श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था
सामान्य दर्शन व्यवस्था श्रावण-भादौ मास में त्रिवेणी संग्रहालय के समीप से नन्दी द्वार, श्री महाकाल महालोक, मानसरोवर भवन, फेसिलिटी सेन्टर-1, टनल मन्दिर परिसर, कार्तिक मण्डपम, गणेश मण्डपम से श्रद्धालु भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन करेंगे। साथ ही नीलकंठ प्रवेश द्वार की ओर से आने वाले श्रद्धालु मानसरोवर भवन में प्रवेश कर फेसिलिटी सेन्टर-1 एवं टनल मन्दिर परिसर, कार्तिक मण्डपम, गणेश मण्डपम से दर्शन उपरांत (निर्माल्य द्वार) अथवा नवीन आपातकालीन निर्गम द्वार से सीधे बाहर के लिये प्रस्थान करेंगे। श्रद्धालुओं के लिए जल अर्पण की व्यवस्था श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप व कार्तिकेय मंडपम में जलपात्र के माध्यम से रहेगी।
शीघ्र दर्शन व्यवस्था- 01- हरसिद्धि चौराहा से बैरिकेट के रास्ते होकर द्वार नंबर 05 से विश्रामधाम, सभा मण्डपम्, गणेश मण्डपम् से भगवान श्री महाकालेश्वर जी के दर्शन करने के उपरांत निर्गम द्वार से बाहर की ओर प्रस्थान करेंगे। इसी तरह शीघ्र दर्शन के लिए दूसरी
व्यवस्था द्वार नंबर 01 विश्रामधाम से होकर सभा मण्डपम्, गणेश मण्डपम् से भगवान श्री महाकालेश्वर जी के दर्शन करने के उपरांत निर्गम द्वार से बाहर की ओर प्रस्थान करेंगे। कावड़ यात्रियों की व्यवस्था-श्रावण-भादौ मास के दौरान अत्यधिक संख्या में कावड़ यात्रियों का आगमन होना निर्धारित रहता है। उक्त आगंतुक कावड़ यात्रियों की जल अर्पण की व्यवस्था के लिए सप्ताह में 04 दिवस मंगलवार, बुधवार, गुरूवार, शुक्रवार की गई है। कावड़ यात्री दल को द्वार नंबर 01 एवं हरसिद्धि चौराहा स्थित विशेष दर्शन मार्ग से प्रवेश दिया जाएगा। शनिवार, रविवार तथा सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या अत्यधिक होने के फलस्वरूप किसी भी कावड़ दल को अनुमति जारी नही की जाएगी।


