Ujjain

भाव प्रबोध संस्था ने किया उज्जयिनी के ख्यात कलाकारों का अभिनंदन

उज्जैन। भाव प्रबोध संस्था, साहित्य, कला और दर्शन को समर्पित संस्था है।संस्था द्वारा उज्जयिनी की समृद्ध एवं सांस्कृतिक परंपरा को अपनी साधना से गौरवान्वित करने वाले तीन ख्यात कलाकारों का भाव प्रबोध द्वारा गरिमामय समारोह में अभिनंदन किया गया।
अभिनंदन की इस त्रिवेणी में संगीत शिरोमणि सुधाकर देवले, कत्थक नृत्य एवं शास्त्रीय संगीत डॉ. पूनम व्यास एवं प्रसिद्ध शिल्पकार राधाकृष्ण वाडिया का शाल, श्रीफल एवं अभिनंदन-पत्र भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि सम्मानित तीनों कलाकार न केवल उज्जैन के बल्कि भारतीय कला एवं संस्कृति की गौरवशाली परंपरा के पुरोधा हैं। उन्होंने अपनी कला-साधना के माध्यम से उज्जैन और भारत की सांस्कृतिक पहचान को समृद्ध किया है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के भूतपूर्व अध्यक्ष डॉ. हरिमोहन बुधौलिया ने की। सारस्वत अतिथि के रूप में महाविद्यालय कला संकाय के अध्यक्ष डॉ. श्रीकृष्ण जोशी उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने सम्मानित कलाकारों का शाल, श्रीफल एवं अभिनंदन-पत्र भेंट कर अभिनंदन किया। सम्मान समारोह के दौरान ही तीनों कलाकारों ने अपने उद्बोधन से उपस्थित कला-प्रेमियों को संबोधित किया। डॉ. पूनम व्यास ने अर्धनारीश्वर शिव की मोहक एवं ओजस्वी भाव-स्तुति प्रस्तुत की, जिसने समारोह को आध्यात्मिक एवं कलात्मक गरिमा प्रदान की।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन उज्जयिनी के दर्शन शास्त्री, आनंद विभाग के समन्वयक एवं समाजसेवी डॉ. प्रवीण जोशी ने किया। भाव प्रबोध की संस्थापक डॉ. प्रीती जोशी ने तीनों सम्मानित कलाकारों की कला-यात्रा तथा विभिन्न अवसरों पर प्राप्त सम्मानों का परिचय प्रस्तुत किया। अंत में उन्होंने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
समारोह में कला, दर्शन एवं साहित्य जगत के अनेक विद्वान उपस्थित रहे। इनमें सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय हिंदी विभाग की भूतपूर्व अध्यक्ष डॉ. प्रेमलता चुटैल, डॉ. भेरूलाल सिंह रोडिया, डॉ. रोशनी यादव,
डॉ. सविता अरोरा, श्रीमती हिमांशी चौबे, डॉ. अभिलाषा शर्मा, निलेश शर्मा, डॉ. लक्ष्मीनारायण सिंह रोडिया, डॉ. अभिषेक तोमर (प्राचार्य, शिप्रा आर्ट कॉलेज, उज्जैन), प्रो. डॉ. उर्मी शर्मा, डॉ. पुष्पा चौरसिया, डॉ. अरुण वर्मा, डॉ. रूपा भावसार,बृज खरे, डॉ. रत्नाकर दिलीप जैन, अशोक भाटी, प्रेमचंद सृजन पीठ के निदेशक मुकेश जोशी,अमिताभ त्रिपाठी, डॉ. नेत्रा रावणकर, डॉ. विक्रम रत्नाकर, मानसिंह शरद, डॉ. विक्रम रत्नाकर एवं अनिल पांचाल सहित अनेक कला एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। समारोह ने उज्जैन की जीवंत कला परंपरा और उसके साधकों के प्रति समाज की कृतज्ञता एवं सम्मान को अभिव्यक्त किया।

Dr. Sanjay Nagar

Author & Co-Founder Takshit News

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