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तंबाकू जनित रोगों के इलाज में प्रति वर्ष लगभग तीस हजार करोड़ रुपए का खर्च होता है

तंबाकू जनित रोगों के इलाज में प्रति वर्ष लगभग तीस हजार करोड़ रुपए का खर्च होता है
उज्जैन। एक सिगरेट मनुष्य के 20 मिनट जिंदगी कम कर देती है, तंबाकू सेवन से होने वाला मुंह का कैंसर मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य संकट का कारण बना हुआ है। तंबाकू जनित रोगों के इलाज में प्रति वर्ष लगभग तीस हजार करोड़ रुपए का खर्च होता है। वहीं पूरे भारत में 15 हजार लोग लगातार सिगरेट के धुएं के संपर्क में रहने के चलते अपनी जान गवा देते हैं। स्वास्थ्य के लिए यह चिंतित एवं चौंकाने वाली जानकारी देते हुए देश के वरिष्ठतम प्रतिष्ठित कैंसर स्पेशलिस्ट डॉक्टर दिनेश पेंढारकर बताया कि तंबाकू सेवन के अतिरिक्त अल्कोहल का सेवन, किसी भी तरह के गुटके का सेवन एवं वायरल इंफेक्शन और मोटापा भी कैंसर को आमंत्रण देता है। उज्जैन के मूल निवासी डॉक्टर पेंढारकर ने बताया कि सन 72 से शहर से बाहर होने के बाद अब मैं पुनः उज्जैन आ गया हूं। इस अवधि में मैं देश के कई प्रतिष्ठित कैंसर संस्थानों में मुखिया के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुका हूं तथा कई देशों के कैंसर हॉस्पिटल वह मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में भी सेवाएं दे चुका हूं तथा 200 जिलों में कैंसर नियंत्रण में प्रभावशाली भूमिका निभा चुका हूं। डॉक्टर पेंढारकर ने बताया कि पैसों के अभाव में कोई कैंसर रोगी अपनी जान ना गवाएं इसका प्रयास उज्जैन शहर में रहेगा । आपने अपील की कि कैंसर का इलाज ही नहीं अपितु इलाज में किसी भी तरह की सहायता के इलाज के लिए मरीज या उनके परिजन मुझसे संपर्क कर सकते हैं। पत्रकार वार्ता में डॉक्टर पेंढारकर ने बताया कि किसी भी तरह का पान मसाला भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है,इसके स्थान पर आंवला, लौंग, इलाइची आदि के सेवन की आदत डालें। डॉक्टर पेंढारकर ने बताया कि लगातार एसिडिटी बनी हुई हो तो नजरअंदाज ना करें तथा उसका व्यवस्थित इलाज कराए तथा उम्र के 50 वर्ष के बाद अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच कराते रहें।
तंबाकू मानव जीवन के सबसे बड़े हत्यारो में से एक है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस जनता को तंबाकू के हानिकारक प्रभाव के बारे में जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। केवल जनशिक्षा से ही विश्वभर में तंबाकू के उपयोग को कम किया जा सकता है। दुर्भाग्य भारत में लगभग 35% लोग किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं । 15-24 आयु वर्ग लगभग 12% आबादी तंबाकू की आदी है। देश के सबसे वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञों में से एक, उज्जैन कैंसर सेंटर,आर डी गार्डी मेडिकल कॉलेज के ऑंकोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर दिनेश पेंढारकर ने कहा कि भारत में कैंसर का सबसे बड़ा कारण तंबाकू है यह 40% से अधिक कैंसर के लिए जिम्मेदार है भारत मुख कैंसर की विश्व राजधानी है और 50% से अधिक मुख कैंसर तंबाकू के कारण होता है। भारत में कैंसर के लगभग डेढ़ करोड़ नए मामले हर वर्ष सामने आते हैं। पुरुषों में सबसे आम कैंसर में से एक फेफड़े का कैंसर है जो तंबाकू के कारण होता है केवल तंबाकू छोड़ने से हम कैंसर की घटनाओं को 50% तक कम कर सकते हैं।
तंबाकू में 700 से अधिक रसायन होते है जिनमें से 70 को कैंसर कारक (कार्सिनोजेन ) के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। इसका मतलब है कि तंबाकू का एक टुकड़ा या धुएं का एक कश आपको कुल 70 जहर दे रहा है। यह सब तंबाकू में मौजूद निकोटीन के साथ आता है जिसमे अत्यधिक लत लगाने की शक्ति होती है। निकोटीन हृदय गति और रक्तचाप को बढ़ाता है और रक्त वाहिकाओं में रुकावट पैदा करता है। तंबाकू जहर के समान है और इसे किसी भी रूप में नहीं लेना चाहिए। तंबाकू शरीर के हर अंग और प्रणाली पर बुरा प्रभाव डालता है। यह दिल का दौरा, उच्च रक्तचाप,फेफड़ों की बीमारियों और कई अन्य बीमारियों के लिए जिम्मेदार है। जीडीपी का 1% से अधिक हिस्सा केवल तंबाकू से संबंधित बीमारियों के इलाज पर खर्च होता है। तंबाकू से संबंधित बीमारियों की प्रत्यक्ष चिकित्सा लागत लगभग 38000 करोड़ रुपये (2018) है और कुल स्वास्थ्य व्यय का 5.3% हिस्सा तंबाकू से सबंधित बीमारियों पर खर्च होता है। तंबाकू राजस्व के रूप में एकत्र किए गए प्रत्येक 100 रुपये में से हम 816 रुपये तंबाकू से संबंधित बीमारियों के दूष्परिणामों पर खर्च करते हैं। निष्क्रिय धूम्रपान भी उतना ही खतरनाक है और कई बीमारियों का कारण बनता है। विश्व स्तर पर निष्क्रिय धूम्रपान के कारण 16 लाख मौतें होती हैं।
डॉ दिनेश पेंढारकर ने कहा तंबाकू छोड़ने का सबसे अच्छा तरीका है एक निर्णय लेना। इसका कोई इलाज नहीं है। तंबाकू छोड़ने के क्लिनिक आपकी मदद कर सकते हैं। आपका व्यक्तिगत निर्णय सबसे महत्वपूर्ण है।
आर. डी. गार्डी मेडिकल कॉलेज द्वारा कैंसर के बेहतर उपचार की तत्काल आवश्यकता को देखते हुए उज्जैन कैंसर सेंटर को कैंसर के इलाज के लिए सर्वोत्तम तकनीक से सुसज्जित किया गया है। इसमें नवीनतम विकिरण मशीनें है और जल्द ही सबसे आवश्यक पीईटी (पेट) स्कैन सुविधा शुरू होने वाली है। यह राज्य का एकमात्र मेडिकल कॉलेज है जो नवीनतम एनजीएस और फ्लोसाइटोमेट्री निदान सुविधाएं प्रदान कर सकता है, जो आज कैंसर के उपचार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। टार्गेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, प्रेसिजन ऑन्कोलॉजी और सबसे महत्वपूर्ण रूप से अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण (बोन मैरो ट्रांसप्लांट) और कार्ट सेल थेरेपी जैसी नवीनतम उपचार सुविधाएं पहले से ही उपलब्ध हैं। अब इस क्षेत्र के मरीजों को यात्रा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इस विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर हम प्रत्येक नागरिक से तंबाकू का सेवन शुरू न करने का आग्रह करते हैं और यदि आप इसका सेवन कर रहे हैं, तो हम आपसे इसे छोड़ने का अनुरोध करते हैं। किसी भी स्तर पर छोड़ने से आपका स्वस्थ जीवन बढ़ेगा।

Dr. Sanjay Nagar

Author & Co-Founder Takshit News

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