
उज्जैन। वर्तमान में ग्रीष्म ऋतु के मौसम के दौरान बढती धूप की तपन (लू) से सावधानी एवं शरीर को मौसमी बीमारी से बचाव के लिए जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल द्वारा बताया गया कि आमजन को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना आवश्यक है।
क्या करें –
– घर से बाहर निकलने से पहले भरपेट पानी अवश्य पियें।
– धूप में जाते समय सूती कपड़े पहने और सिर और कान को सूती कपड़े से ढंक कर रखें।
– धूप में घूमने वाले व्यक्ति नमक, शक्करयुक्त कोई तरल पदार्थ या ओ.आर.एस. घोल का अधिक सेवन करें।
– नींबू पानी, आम की केरी का पना, शिकंजी या मट्ठा अधिक से अधिक पियें।
– भरपेट भोजन करके ही बाहर निकलें। हमेशा ताजा भोजन, फल और सब्जियों खायें।
– यथा संभव धूप में अधिक न निकले।
क्या न करें-
– धूप में खाली पेट न निकलें। शरीर में पानी की कमी न होने दें।
– बुखार में शरीर का तापमान न बढ़ने दें, ठंडे पानी की पट्टी रखें।
– कूलर या कंडीशनर से धूप में एकदम न निकलें।
– मिर्च-मसाले युक्त भोजन न करें। बासी भोजन, बासी फल, बासी सलाद न खायें।
लू लगने पर
-व्यक्ति को फौरन छायादार जगह में लिटायें।
-व्यक्ति के कपड़े ढील करें।
– उसे पेय पदार्थ, जीवन रक्षक घोल (ओ.आर.एस.), कच्चें आम का पानी पिलायें।
-ताप घटाने के लिये, व्यक्ति के सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखें।
लू लगने पर नजदीकि स्वास्थ्य संस्था मे चिकित्सक से उपचार प्राप्त करे।



