Ujjainसिंहस्थ 2028

सिहस्थ 2028 मे सनातन का वैभव दुनिया को दिखेगा : मुख्यमंत्री डॉ यादव

सामूहिक विवाह समाज में समानता, सादगी और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का एक अनुकरणीय माध्यम हैं- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने भगवान परशुराम की प्रतिमा पर पूजन अर्चन कर आरती की

उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सिहस्थ 2028 की तैयारी के अंतर्गत रविवार को प्रथम लोकार्पण कार्यक्रम में एक करोड़ 20 लाख की लागत से निर्मित हेलीपैड विश्राम गृह लोकार्पण किया ।
इस विश्राम गृह मे ऑफिस कक्ष, जनता से मिलने के लिए हाल और पायलट के लिए भी कक्ष बनाये गए है।
यह हेलीपैड उज्जैन सिहस्थ 2028 में अतिथियों और जनप्रतिनिधियों के साथ आम जनता से मिलने के लिए बनाया गया है ।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने परशुराम जयंती, अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर सिहस्थ 2028 के पहले कार्य का लोकार्पण करते हुए कहा कि उज्जैन सिंहस्थ में दुनिया हमारे सनातन के वैभव को देखेगी। हमारा प्रयास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व मे विश्व स्तरीय इस आयोजन में सभी श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएँ मिले और पूर्ण सनातन वैभव के साथ सिहस्थ महापर्व 2028 का सांस्कृतिक,धार्मिक आयोजन होगा।
सामूहिक विवाह समाज में समानता, सादगी और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का एक अनुकरणीय माध्यम
रविवार को अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हामूखेड़ी देवास रोड में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान 23 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्पन्न हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच पर पहुंचकर सभी नव-दंपतियों को व्यक्तिगत रूप से आशीर्वाद दिया, उनके सिर पर पुष्प वर्षा की तथा उन्हें सुखद, समृद्ध और मंगलमय वैवाहिक जीवन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर नव-विवाहित कन्याओं को दोपहिया वाहन (टू-व्हीलर) भी भेंट किए गए।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सामूहिक विवाह समाज में समानता, सादगी और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का एक अनुकरणीय माध्यम है। उन्होंने कहा, “आज अक्षय तृतीया का पावन अवसर है। अक्षय तृतीया पर किए गए किसी भी शुभ कार्य का फल अक्षय होता है। आज का यह दिन सभी नव-विवाहित जोड़ों के लिए अत्यंत शुभ और मंगलकारी सिद्ध हो।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि विवाह संस्कार हमारी संस्कृति में सबसे महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है। सामूहिक विवाह से न केवल धन की बचत होती है, बल्कि सभी को एक साथ अपनी खुशियों को साझा करने का अवसर भी मिलता है। ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता और सद्भाव का संदेश देते हैं तथा समय-समय पर इन्हें आयोजित करना चाहिए।
उन्होंने आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उज्जैन शहर में कई विकास कार्य चल रहे हैं, जिनसे शहर की नई छवि उभरेगी और यह समृद्धि का प्रतीक बनेगा। उन्होंने ईश्वर से कामना की कि यहां के हर घर में सुख, शांति और वैभव बना रहे।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, सतीश मालवीय, महंत रामेश्वर दास, महंत रामदास जी महाराज, महंत बालकनाथ जी महाराज, बालकृष्ण दास जी महाराज, रवि सोलंकी,नरेश शर्मा, ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर के गादीपति महावीर नाथ जी महाराज, नारायण यादव, कल्याण यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अतिथियों ने नव-दंपतियों को माला और स्मृति चिन्ह भेंट किए। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। आयोजनकर्ता प्रकाश यादव ने सभी अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया तथा स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन शैलेंद्र व्यास ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन श्री परेश कुलकर्णी द्वारा किया गया। विवाह प्रमुख आचार्य पंडित सोहन भट्ट के सान्निध्य में संपन्न कराया गया।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने भगवान परशुराम की प्रतिमा पर पूजन अर्चन कर आरती की
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उज्जैन सर्किट हाउस पर भगवान श्री परशुराम जी की जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज के साथ भगवान परशुराम की प्रतिमा का पूजन अर्चन कर आरती की और प्रदेश की जनता की सुख समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को भगवान परशुराम की चित्र और फरसा भेंट किया गया।

Dr. Sanjay Nagar

Author & Co-Founder Takshit News

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