पिस्टल दिखाकर लूट करने वाले चार बदमाश गिरफ्तार
पुलिस ने 3.14 लाख रुपये का मश्रुक़ा किया जप्त, लूट की रकम, एयरगन व दो मोटरसाइकल बरामद

उज्जैन। पुलिस ने पिस्टल के दम पर लाखों रुपए की लूट करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।इस संबंध में पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने पत्रकार वार्ता में जानकारी दी।
चार फरवरी को राहुल मेवाड़ा जो स्टैन क्रेडिट केयर नेटवर्क लिमिटेड की खाचरोद ब्रांच में कनेक्शन एजेंट के पद पर कार्यरत हैं. सुबह लगभग 11 बजे अपनी मोटरसायकल से ग्राम खामरिया से कलेक्शन कर ग्राम नंदियासि की और जा रहे थे तब बाछा खेड़ी में पीछे से बिना नंबर की मोटरसायकल पर सवार तीन अज्ञात व्यक्ति आए और चलती बाइक से उनसे लसुडिया गाँव का पता पूछने लगे। राहुल द्वारा जवाब न देने पर आरोपियों में उनके साथ मारपीट की, जिससे संतुलन बिगड़ने से राहुल मोटरसायकल सहित सड़क से नीचे खेत में गिर गए।
इसी दौरान एक आरोपी ने पिस्टल जैसा हथियार दिखाकर उन्हें भयभीत किया और उनका कलेक्शन रूपयों से भरा बैग छीनकर तीनों मौके से फरार हो गए। बैग में लगभग 52 हजार रुपये नगद तथा फाइनेंस कंपनी का एक टैबलेट रखा हुआ था।
घटना की सूचना राहुल ने तत्काल अपने ब्रांच मैनेजर को फोन पर दी। गिरने से फरियादी के बाएँ पैर के घुटने एवं बाई पसली में चोट आई। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना खाचरोद में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।
अपराध हथियार दिखाकर लूट का होकर गंभीर प्रकृति का होने से वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम गठित कर विवेचना प्रारंभ की गई। घटना से संबंधित प्रत्येक तथ्य एवं संभावित मार्गों की जानकारी एकत्रित की गई।
घटना के बाद आरोपियों के फरार होने के संभावित रूट पर लगे सी.सी.टी.व्ही. कैमरों की क्रमबद्ध जांच की गई। फुटेज के विश्लेषण में लूट के पश्चात आरोपियों की मूवमेंट बदनावर होते हुए धार की ओर जाना स्पष्ट हुआ। इसके आधार पर पुलिस टीम लगातार कैमरा फुटेज ट्रेस करते हुए बदनावर पहुंची। बदनावर क्षेत्र में तीन संदिग्ध व्यक्तियों की तस्वीरें प्राप्त हुई, जिन्हें सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से स्थानीय नागरिकों एवं मुखबिर तंत्र को दिखाया गया। मुखबिरों से प्राप्त विश्वसनीय सूचना के आधार पर ज्ञात हुआ कि उक्त बदमाश थाना सादलपुर जिला धार क्षेत्र के निवासी हैं।
प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम सामर में घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया तथा घटना से पूर्व रेकी कर पुलिस को गुमराह करने में सहयोग करने वाले एक अन्य आरोपी की भूमिका भी उजागर हुई।
पूछताछ में आरोपियों द्वारा बताया गया कि वे पिछले लगभग एक माह से फाइनेंस कंपनी के कलेक्शन एजेंट की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। उन्हें यह जानकारी थी कि एजेंट अकेला ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में नगद राशि लेकर आवागमन करता है। इसी योजना के तहत सुनसान मार्ग का चयन कर हथियार का भय दिखाकर लूट की घटना को अंजाम दिया गया।
वारदात का खुलासा करने में पुलिस टीम थाना प्रभारी खाचरोद निरीक्षक धनसिंह नलवाया, उप निरीक्षक अमित डामर, सुधीर शर्मा, प्रधान आरक्षक सोमसिंह , यशपाल सिंह सिसोदिया, आरक्षक कृष्णा बैरागी, योगेन्द्र चौहान,जितेन्द्र सिंह सेंगर,सुरेश डांगी, मुकेश गोयल,संजय सिंह राणावत, गुलाब सिंह डामोर का सराहनीय योगदान रहा।



